हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.120.10

मंडल 1 → सूक्त 120 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 120
अ॒श्विनो॑रसनं॒ रथ॑मन॒श्वं वा॒जिनी॑वतोः । तेना॒हं भूरि॑ चाकन ॥ (१०)
मैंने अन्नदाता अश्विनीकुमारों का अश्वरहित रथ पाया है. मैं उससे विपुल धन की कामना करता हूं. (१०)
I have found the horseless chariot of the Annadata Ashwinikumars. I wish him rich riches. (10)