हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.133.2

मंडल 1 → सूक्त 133 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 133
अ॒भि॒व्लग्या॑ चिदद्रिवः शी॒र्षा या॑तु॒मती॑नाम् । छि॒न्धि व॑टू॒रिणा॑ प॒दा म॒हाव॑टूरिणा प॒दा ॥ (२)
हे वैरीभक्षणकर्ता इंद्र! शत्रुओं की सेना का सिर अपने विस्तृत पैरों से कुचल दो. (२)
O scorpion Indra! Crush the head of the army of enemies with your wide legs. (2)