ऋग्वेद (मंडल 1)
हि॒ङ्कृ॒ण्व॒ती व॑सु॒पत्नी॒ वसू॑नां व॒त्समि॒च्छन्ती॒ मन॑सा॒भ्यागा॑त् । दु॒हाम॒श्विभ्यां॒ पयो॑ अ॒घ्न्येयं सा व॑र्धतां मह॒ते सौभ॑गाय ॥ (२७)
घी, दूध आदि से सदा पालन करने वाली गाय बछड़े के लिए मन में इच्छा करती हुई रंभाती हुई आती है. वह गाय अश्विनीकुमारों को दूध दे और उनके सौभाग्य को बढ़ावें. (२७)
The cow, which is always rearing with ghee, milk, etc., comes to mind, wishing for the calf. He should give milk to the cow Ashwinikumars and increase their good fortune. (27)