हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.187.8

मंडल 1 → सूक्त 187 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 187
यद॒पामोष॑धीनां परिं॒शमा॑रि॒शाम॑हे । वाता॑पे॒ पीव॒ इद्भ॑व ॥ (८)
हे शरीर! हम जौ आदि वनस्पतियों को पर्याप्त मात्रा में खाते हैं, इसलिए तुम मोटे बनो. (८)
O body! We eat enough of the barley etc. flora, so you become fat. (8)