हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.19.3

मंडल 1 → सूक्त 19 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 19
ये म॒हो रज॑सो वि॒दुर्विश्वे॑ दे॒वासो॑ अ॒द्रुहः॑ । म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि ॥ (३)
हे अग्नि! जो मरुद्गण तेजस्वी एवं द्वेषरहित हैं, जो अधिक मात्रा में जल की वर्षा करना जानते हैं, तुम उनके साथ आओ. (३)
O fire! Those deserters who are bright and hateless, who know how to rain more water, come with them. (3)