हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.19.4

मंडल 1 → सूक्त 19 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 19
य उ॒ग्रा अ॒र्कमा॑नृ॒चुरना॑धृष्टास॒ ओज॑सा । म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि ॥ (४)
हे अग्नि! जो मरुद्गण उग्र एवं इतने बलशाली हैं कि कोई उनका तिरस्कार नहीं कर सकता. उन्होंने जल की वर्षा की है. तुम उनके साथ आओ. (४)
O fire! The deserts who are fierce and so powerful that no one can despise them. They have rained water. You come with them. (4)