हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.2.9

मंडल 1 → सूक्त 2 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 2
क॒वी नो॑ मि॒त्रावरु॑णा तुविजा॒ता उ॑रु॒क्षया॑ । दक्षं॑ दधाते अ॒पस॑म् ॥ (९)
मित्र और वरुण बुद्धिमान्‌ लोगों का कल्याण करने वाले और अनेक लोगों के आश्रय हैं. ये हमारे बल और कर्म की रक्षा करें. (९)
Varuna and Mitra are the ones who do good and provide shelter to many wise people. Let them protect our strength and action. (9)