हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.22.6

मंडल 1 → सूक्त 22 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 22
अ॒पां नपा॑त॒मव॑से सवि॒तार॒मुप॑ स्तुहि । तस्य॑ व्र॒तान्यु॑श्मसि ॥ (६)
सूर्य जल को सुखा देता है. अपनी रक्षा के लिए उस सूर्य की स्तुति करो. हम सूर्य के लिए यज्ञ करना चाहते हैं. (६)
The sun dries up the water. Praise that sun for your protection. We want to perform yajna for the sun. (6)