ऋग्वेद (मंडल 1)
हिर॑ण्यपाणिमू॒तये॑ सवि॒तार॒मुप॑ ह्वये । स चेत्ता॑ दे॒वता॑ प॒दम् ॥ (५)
सूर्य के हाथ में स्वर्ण है. मैं उन्हें रक्षा के लिए बुलाता हूं. वे सूर्य देव यजमान को प्राप्त होने वाला पद बता देंगे. (५)
The sun has gold in its hands. I call them to the defense. They will tell the sun god the host the position to be received. (5)