हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.22.8

मंडल 1 → सूक्त 22 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 22
सखा॑य॒ आ नि षी॑दत सवि॒ता स्तोम्यो॒ नु नः॑ । दाता॒ राधां॑सि शुम्भति ॥ (८)
हे मित्रो! चारों ओर ठीक से बैठ जाओ. हमें शीघ्र ही सूर्य की स्तुति करनी है. धन देने वाले सूर्य सुशोभित हो रहे हैं. (८)
Oh, my friends! Sit around properly. We have to praise the sun soon. The money-giving sun is beautifying. (8)