हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.22.9

मंडल 1 → सूक्त 22 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 22
अग्ने॒ पत्नी॑रि॒हा व॑ह दे॒वाना॑मुश॒तीरुप॑ । त्वष्टा॑रं॒ सोम॑पीतये ॥ (९)
हे अग्नि देव! देवों की कामना करने वाली पत्नियों को इस यज्ञ में ले आओ. तुम सोमपान करने के लिए त्वष्टा को यहां ले आओ. (९)
O God of agni! Bring the wives who wish for the gods to this yagna. You bring the skin here to Sompan. (9)