हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.27.11

मंडल 1 → सूक्त 27 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 27
स नो॑ म॒हाँ अ॑निमा॒नो धू॒मके॑तुः पुरुश्च॒न्द्रः । धि॒ये वाजा॑य हिन्वतु ॥ (११)
अग्नि देव सीमारहित धूमकेतु वाले तथा महान्‌ हैं. उनकी ज्योति विशाल है. वह हमारे यज्ञ और अन्न के लिए प्रसन्न हों. (११)
The God of Agni is limitless, comet and great. His light is huge. May he be pleased for our yagya and food. (11)