हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.27.5

मंडल 1 → सूक्त 27 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 27
आ नो॑ भज पर॒मेष्वा वाजे॑षु मध्य॒मेषु॑ । शिक्षा॒ वस्वो॒ अन्त॑मस्य ॥ (५)
हे अग्नि! हमें दिव्यलोक तथा अंतरिक्षलोक का अन्न सब ओर से प्राप्त कराओ. तुम हमें भूलोक संबंधी धन भी प्रदान करो. (५)
O agni! Give us the grain of the divine and the space world from all sides. You also provide us with forgetful funds. (5)