हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.48.9

मंडल 1 → सूक्त 48 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 48
उष॒ आ भा॑हि भा॒नुना॑ च॒न्द्रेण॑ दुहितर्दिवः । आ॒वह॑न्ती॒ भूर्य॒स्मभ्यं॒ सौभ॑गं व्यु॒च्छन्ती॒ दिवि॑ष्टिषु ॥ (९)
हे स्वर्गपुत्री उषा! तुम सबको प्रसन्न करने वाली ज्योति के साथ प्रकाशित होती हुई हमें प्रतिदिन सौभाग्य दो एवं अंधकार को मिटाओ. (९)
O daughter of heaven Usha! Give us good fortune every day and remove the darkness, illuminating with the light that pleases you all. (9)