हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.91.15

मंडल 1 → सूक्त 91 → श्लोक 15 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 91
उ॒रु॒ष्या णो॑ अ॒भिश॑स्तेः॒ सोम॒ नि पा॒ह्यंह॑सः । सखा॑ सु॒शेव॑ एधि नः ॥ (१५)
हे सोम! हमें निंदा एवं पाप से बचाओ तथा शोभन सुख देकर हमारे हितकारी बनो. (१५)
O Mon! Save us from condemnation and sin and be our benefactor by giving us graceful happiness. (15)