हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.91.16

मंडल 1 → सूक्त 91 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 91
आ प्या॑यस्व॒ समे॑तु ते वि॒श्वतः॑ सोम॒ वृष्ण्य॑म् । भवा॒ वाज॑स्य संग॒थे ॥ (१६)
हे सोम! तुम वृद्धि प्राप्त करो एवं तुम्हें चारों ओर अपनी शक्ति प्राप्त हो. तुम हमें अन्न देने वाले बनो. (१६)
O Mon! You get growth and you have your power all around. You become the giver of food to us. (16)