ऋग्वेद (मंडल 1)
भास्व॑ती ने॒त्री सू॒नृता॑नां दि॒वः स्त॑वे दुहि॒ता गोत॑मेभिः । प्र॒जाव॑तो नृ॒वतो॒ अश्व॑बुध्या॒नुषो॒ गोअ॑ग्रा॒ँ उप॑ मासि॒ वाजा॑न् ॥ (७)
हम गौतमवंशी तेजस्विनी एवं सत्य भाषण प्रेमियों का नेतृत्व करने वाली आकाशपुत्री उषा की स्तुति करते हैं. हे उषा! हमें पुत्र, पौत्र, दास, अश्व एवं गायों से युक्त अन्न प्रदान करो. (७)
We praise Gautamvanshi Tejaswini and Akashputri Usha, who led the truth speech lovers. Oh, Usha! Give us food containing sons, grandsons, helpers, horses and cows. (7)