हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.97.6

मंडल 1 → सूक्त 97 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 97
त्वं हि वि॑श्वतोमुख वि॒श्वतः॑ परि॒भूरसि॑ । अप॑ नः॒ शोशु॑चद॒घम् ॥ (६)
हे अग्नि! तुम्हारे मुख चारों ओर हैं, इसलिए तुम चारों ओर से हमारी रक्षा करो. हमारा पाप नष्ट हो. (६)
O agni! Your faces are all around, so protect us from all around you. Let our sins be destroyed. (6)