हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.105.7

मंडल 10 → सूक्त 105 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 105
वज्रं॒ यश्च॒क्रे सु॒हना॑य॒ दस्य॑वे हिरीम॒शो हिरी॑मान् । अरु॑तहनु॒रद्भु॑तं॒ न रजः॑ ॥ (७)
हरी दाढ़ी वाले एवं हरे रंग के घोड़ों वाले इंद्र ने दस्यु को मारने के लिए वज्र तैयार किया. सुंदर जबड़ों वाले इंद्र आकाश के समान विचित्र हैं. (७)
Indra, who had a green beard and with a green horse, prepared a thunderbolt to kill the bandit. Indra with beautiful jaws is as bizarre as the sky. (7)