ऋग्वेद (मंडल 10)
अ॒प्स॒रा जा॒रमु॑पसिष्मिया॒णा योषा॑ बिभर्ति पर॒मे व्यो॑मन् । चर॑त्प्रि॒यस्य॒ योनि॑षु प्रि॒यः सन्सीद॑त्प॒क्षे हि॑र॒ण्यये॒ स वे॒नः ॥ (५)
विद्युतरूपी स्त्री ने वेनरूपी पुरुष को देखकर मुसकुराते हुए उनका अंतरिक्ष में आलिंगन किया. वेन ने प्रेमी के समान प्रेयसीरूपिणी बिजली की अभिलाषा पूरी करके सोने के कक्ष में शयन किया. (५)
The electric woman saw the venous man and smiled and hugged him in space. Wayne slept in the bedroom, fulfilling his desire for a loverlike lightning. (5)