हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.157.3

मंडल 10 → सूक्त 157 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 157
आ॒दि॒त्यैरिन्द्रः॒ सग॑णो म॒रुद्भि॑र॒स्माकं॑ भूत्ववि॒ता त॒नूना॑म् ॥ (३)
हे इंद्र! तुम आदित्यों और मरुतों की सहायता लेकर हमारे शरीरों के रक्षक बनो. (३)
O Indra! Be the protector of our bodies by taking the help of adityas and maruts. (3)