हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.175.3

मंडल 10 → सूक्त 175 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 175
ग्रावा॑ण॒ उप॑रे॒ष्वा म॑ही॒यन्ते॑ स॒जोष॑सः । वृष्णे॒ दध॑तो॒ वृष्ण्य॑म् ॥ (३)
छोटे पत्थर आपस में मिलकर बड़े पत्थर पर शोभा पा रहे हैं. ये पत्थर रस बरसाने वाले सोम के प्रति अपनी शक्ति का प्रयोग करते हैं. (३)
Small stones are getting mixed together to beautify the big stone. These stones use their power towards the Soma who showers juice. (3)