हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.60.6

मंडल 10 → सूक्त 60 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 60
अ॒गस्त्य॑स्य॒ नद्भ्यः॒ सप्ती॑ युनक्षि॒ रोहि॑ता । प॒णीन्न्य॑क्रमीर॒भि विश्वा॑न्राजन्नरा॒धसः॑ ॥ (६)
हे राजा असमाति! तुम अगस्त्य ऋषि को प्रसन्न करने वाले बांधवों के लिए धनप्राप्ति हेतु लाल रंग के घोड़ों को रथ में जोड़ो. तुम यज्ञ न करने वाले एवं लोभी पणियों को भली प्रकार हराओ. (६)
O King, Assamese! You add red horses to the chariot to get money for the brothers who please the sage Agastya. You defeat the non-sacrificing and greedy people well. (6)