हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.9.2

मंडल 10 → सूक्त 9 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 9
यो वः॑ शि॒वत॑मो॒ रस॒स्तस्य॑ भाजयते॒ह नः॑ । उ॒श॒तीरि॑व मा॒तरः॑ ॥ (२)
हे जल! पुत्र की उन्नति चाहने वाली माताएं जिस प्रकार उसे दूध देती हैं, उसी प्रकार तुम अपना सुखकर रस हमें दो. (२)
O water! Just as mothers who seek the son's advancement give him milk, so do you give us your happiness and juice. (2)