हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.94.14

मंडल 10 → सूक्त 94 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 94
सु॒ते अ॑ध्व॒रे अधि॒ वाच॑मक्र॒ता क्री॒ळयो॒ न मा॒तरं॑ तु॒दन्तः॑ । वि षू मु॑ञ्चा सुषु॒वुषो॑ मनी॒षां वि व॑र्तन्ता॒मद्र॑य॒श्चाय॑मानाः ॥ (१४)
बच्चे खेलते समय जिस प्रकार अपनी माताओं को धवकका देते हुए हल्ला मचाते हैं, उसी प्रकार ये पूज्य पत्थर यज्ञ में सोमरस निचोड़ते समय शब्द करते हैं. हे स्तोताओ! सोमरस निचोड़ने वाले पत्थरों की स्तुति करो. पत्थर घूमते हुए शब्द करें. (१४)
Just as children make a hue and cry while playing, pushing their mothers, so do these revered stones in the yagna while squeezing somras. This stotao! Praise the stones that squeeze the somras. Make words while turning stones. (14)