हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.97.15

मंडल 10 → सूक्त 97 → श्लोक 15 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 97
याः फ॒लिनी॒र्या अ॑फ॒ला अ॑पु॒ष्पा याश्च॑ पु॒ष्पिणीः॑ । बृह॒स्पति॑प्रसूता॒स्ता नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (१५)
बृहस्पति से उत्पन्न फलसहित, फलरहित, पुष्परहित एवं पुष्पयुक्त ओषधियां हमें रोग से बचावें. (१५)
Fruitless, fruitless, flowerless and flowery herbs produced from Jupiter protect us from disease. (15)