हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.97.20

मंडल 10 → सूक्त 97 → श्लोक 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 97
मा वो॑ रिषत्खनि॒ता यस्मै॑ चा॒हं खना॑मि वः । द्वि॒पच्चतु॑ष्पद॒स्माकं॒ सर्व॑मस्त्वनातु॒रम् ॥ (२०)
हे ओषधियो! मैं तुम्हारा खोदने वाला हूं. तुम मुझे नष्ट मत करना. मैं जिनके लिए तुम्हें खोदता हूं, उसे भी नष्ट मत करना. हमारे दो पैर एवं चार पैरों वाले जीव रोगरहित हों. (२०)
O ladies! I'm going to dig yours. Don't you destroy me. Don't destroy even those for whom I dig you. Our two-legged and four-legged creatures are disease-free. (20)