हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 2.33.8

मंडल 2 → सूक्त 33 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 2)

ऋग्वेद: | सूक्त: 33
प्र ब॒भ्रवे॑ वृष॒भाय॑ श्विती॒चे म॒हो म॒हीं सु॑ष्टु॒तिमी॑रयामि । न॒म॒स्या क॑ल्मली॒किनं॒ नमो॑भिर्गृणी॒मसि॑ त्वे॒षं रु॒द्रस्य॒ नाम॑ ॥ (८)
मैं पीले रंग वाले, कामवर्षी एवं श्वेत आभायुक्त रुद्र के प्रति परम महान्‌ स्तुतियां बार- बार बोलता हूं. हे स्तोता! नमस्कार द्वारा तेजस्वी रुद्र की पूजा करो. मैं रुद्र का उज्ज्वल नाम संकीर्तन करता हूं. (८)
I speak over and over again to the most great praises of the yellow, lustful and white-clad Rudra. This is the hymn! Worship the stunning Rudra by greetings. I do sankirtan, the bright name of Rudra. (8)