हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.26.6

मंडल 4 → सूक्त 26 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 26
ऋ॒जी॒पी श्ये॒नो दद॑मानो अं॒शुं प॑रा॒वतः॑ शकु॒नो म॒न्द्रं मद॑म् । सोमं॑ भरद्दादृहा॒णो दे॒वावा॑न्दि॒वो अ॒मुष्मा॒दुत्त॑रादा॒दाय॑ ॥ (६)
सीधा उड़ने वाला श्येन पक्षी दूर यात्रा से सोम लाते समय देवों के साथ हुआ एवं नशा करने वाले प्रसिद्ध सोम को दृढतापूर्वक लाया था. (६)
The straight-flying shyen bird happened to the gods while bringing the mon from a distant journey and had brought the famous som, who was drunk, firmly. (6)