हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.27.5

मंडल 4 → सूक्त 27 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 27
अध॑ श्वे॒तं क॒लशं॒ गोभि॑र॒क्तमा॑पिप्या॒नं म॒घवा॑ शु॒क्रमन्धः॑ । अ॒ध्व॒र्युभिः॒ प्रय॑तं॒ मध्वो॒ अग्र॒मिन्द्रो॒ मदा॑य॒ प्रति॑ ध॒त्पिब॑ध्यै॒ शूरो॒ मदा॑य॒ प्रति॑ ध॒त्पिब॑ध्यै ॥ (५)
इस समय शूर इंद्र श्वेत, घड़े में भरे हुए, गाय के दूध से मिले हुए, तृप्तिकारक सार से युक्त एवं अध्वर्युगण द्वारा दिए अन्न तथा मधुर सोम का पान करें. (५)
At this time, the brave Indra, filled in a white pitcher, mixed with cow's milk, containing the satiating essence and given by the Adhwaryugans, should drink sweet Soma. (5)