हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.32.20

मंडल 4 → सूक्त 32 → श्लोक 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 32
भूरि॑दा॒ भूरि॑ देहि नो॒ मा द॒भ्रं भूर्या भ॑र । भूरि॒ घेदि॑न्द्र दित्ससि ॥ (२०)
हे अधिक दान करने वाले इंद्र! हमें बहुत सा धन दो. थोड़ा मत दो. तुम हमें बहुत धन देना चाहते हो. (२०)
O Indra who donates more! Give us a lot of money. Don't give a little. You want to give us a lot of money. (20)