ऋग्वेद (मंडल 4)
दश॑ ते क॒लशा॑नां॒ हिर॑ण्यानामधीमहि । भू॒रि॒दा अ॑सि वृत्रहन् ॥ (१९)
हे इंद्र! हम तुमसे दस घड़े भर कर स्वर्ण मांगते हैं. तुम हमें इससे अधिक देते हो. (१९)
O Indra! We ask you for gold by filling ten pitchers. You give us more than that. (19)