हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.32.19

मंडल 4 → सूक्त 32 → श्लोक 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 32
दश॑ ते क॒लशा॑नां॒ हिर॑ण्यानामधीमहि । भू॒रि॒दा अ॑सि वृत्रहन् ॥ (१९)
हे इंद्र! हम तुमसे दस घड़े भर कर स्वर्ण मांगते हैं. तुम हमें इससे अधिक देते हो. (१९)
O Indra! We ask you for gold by filling ten pitchers. You give us more than that. (19)