हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.32.6

मंडल 4 → सूक्त 32 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 32
भू॒यामो॒ षु त्वाव॑तः॒ सखा॑य इन्द्र॒ गोम॑तः । युजो॒ वाजा॑य॒ घृष्व॑ये ॥ (६)
हे इंद्र! हम तुम जैसे गोस्वामी के मित्र हैं. हम पर्याप्त अन्न पाने के लिए तुम्हारे साथ मिलते हैं. (६)
O Indra! We are goswami's friends like you. We meet with you to get enough food. (6)