हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 5.26.9

मंडल 5 → सूक्त 26 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 5)

ऋग्वेद: | सूक्त: 26
एदं म॒रुतो॑ अ॒श्विना॑ मि॒त्रः सी॑दन्तु॒ वरु॑णः । दे॒वासः॒ सर्व॑या वि॒शा ॥ (९)
मरुद्गण, अश्विनीकुमार, मित्र, वरुण आदि देव अपने सभी साथियों को लेकर इन कुशों पर बैठे. (९)
Marudgana, Ashwinikumar, Friend, Varuna, etc., dev sat on these kushas with all his companions. (9)