ऋग्वेद (मंडल 5)
उ॒रौ दे॑वा अनिबा॒धे स्या॑म ॥ (१७)
हे देवो! हम तुम्हारे द्वारा दिए गए महान् सुख का निर्बाध भोग करें. (१७)
Oh, God! May we enjoy the great pleasures you have given us unhindered. (17)
मंडल 5 → सूक्त 42 → श्लोक 17 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation