हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 5.53.12

मंडल 5 → सूक्त 53 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 5)

ऋग्वेद: | सूक्त: 53
कस्मा॑ अ॒द्य सुजा॑ताय रा॒तह॑व्याय॒ प्र य॑युः । ए॒ना यामे॑न म॒रुतः॑ ॥ (१२)
मरुद्गण आज किस उत्तम हवि देने वाले यजमान के पास अपने रथ द्वारा जाएंगे? (१२)
The deserts will go to which of the best-giving hosts today by their chariot? (12)