ऋग्वेद (मंडल 5)
ऐतान्रथे॑षु त॒स्थुषः॒ कः शु॑श्राव क॒था य॑युः । कस्मै॑ सस्रुः सु॒दासे॒ अन्वा॒पय॒ इळा॑भिर्वृ॒ष्टयः॑ स॒ह ॥ (२)
मरुतों को रथ पर बैठा हुआ किसने सुना था? इनके गमन का ढंग कौन जानता है? बंधुरूप एवं वर्षाकारक मरुद्गण अन्न लेकर किस दानशील के लिए अवतीर्ण होते हैं? (२)
Who had heard the maruts sitting on the chariot? Who knows how they move? The brothers and rain-fed deserts descend to which charity with food? (2)