ऋग्वेद (मंडल 5)
यो मे॑ धेनू॒नां श॒तं वैद॑दश्वि॒र्यथा॒ दद॑त् । त॒र॒न्त इ॑व मं॒हना॑ ॥ (१०)
विददश्च के पुत्र पुरुमीढ ने भी तुरंत राजा के समान ही हमें सौ गाएं एवं अन्य बहुत सी संपत्तियां दी हैं. (१०)
Purumiddha, the son of Viddesh, has immediately given us a hundred cows and many other properties, just like the king. (10)