हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 5.74.8

मंडल 5 → सूक्त 74 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 5)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
आ वां॒ रथो॒ रथा॑नां॒ येष्ठो॑ यात्वश्विना । पु॒रू चि॑दस्म॒युस्ति॒र आ॑ङ्गू॒षो मर्त्ये॒ष्वा ॥ (८)
हे अश्चिनीकुमारो! तुम्हारा रथ इस स्थान पर आवे. वह अन्य देवों के रथों से तेज चलने वाला, हमारी हितकामना करने वाला, हमारे विरोधियों का तिरस्कार करने वाला एवं सभी यजमानों में स्तुति का विषय है. (८)
O aschinikumaro! Let your chariot come to this place. He is faster than the chariots of other gods, who begs our interests, despises our opponents, and is a matter of praise among all hosts. (8)