हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.16.24

मंडल 6 → सूक्त 16 → श्लोक 24 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 16
ता राजा॑ना॒ शुचि॑व्रतादि॒त्यान्मारु॑तं ग॒णम् । वसो॒ यक्षी॒ह रोद॑सी ॥ (२४)
हे निवास स्थान देने वाले अग्नि! तुम इस यज्ञ में दीप्तिसंपन्न एवं पवित्रकर्मा मित्र, वरुण, आदित्य मरुद्गण तथा धरती-आकाश का यजन करो. (२४)
O agni that gives the abode! You may worship the bright and holy one in this yajna, the friend of Varuna, Aditya Marudgana and the earth and the sky. (24)