ऋग्वेद (मंडल 6)
अच्छा॑ नो या॒ह्या व॑हा॒भि प्रयां॑सि वी॒तये॑ । आ दे॒वान्सोम॑पीतये ॥ (४४)
हे अग्नि! तुम हमारे सामने आओ. तुम हव्यभक्षण एवं सोमपान करने के लिए देवों को बुलाओ. (४४)
O agni! You come before us. You call the gods to do havan and sompan. (44)