हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.16.43

मंडल 6 → सूक्त 16 → श्लोक 43 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 16
अग्ने॑ यु॒क्ष्वा हि ये तवाश्वा॑सो देव सा॒धवः॑ । अरं॒ वह॑न्ति म॒न्यवे॑ ॥ (४३)
हे अग्नि देव! अपने उन सुशील घोड़ों को रथ में जोड़ो, जो तुम्हें यज्ञों की ओर ठीक से ले जाते हैं. (४३)
O God of agni! Add your gentle horses to the chariot, which lead you properly to the yagnas. (43)