हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.16.9

मंडल 6 → सूक्त 16 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 16
त्वं होता॒ मनु॑र्हितो॒ वह्नि॑रा॒सा वि॒दुष्ट॑रः । अग्ने॒ यक्षि॑ दि॒वो विशः॑ ॥ (९)
हे ज्वालाओं द्वारा हव्य वहन करने वाले एवं उत्तम विद्वान्‌ अग्नि! मनु ने तुम्हें यज्ञ का होता नियुक्त किया है. तुम देवों का यजन करो. (९)
O agni that is borne by flames and the best scholarly agni! Manu has appointed you to be a yagna. You worship the gods. (9)