ऋग्वेद (मंडल 6)
प्र॒त्नं र॑यी॒णां युजं॒ सखा॑यं कीरि॒चोद॑नम् । ब्रह्म॑वाहस्तमं हुवे ॥ (१९)
मैं सबके आदि, धन प्राप्त करने वाले, सखा, स्तोताओं को प्रोत्साहित करने वाले एवं मंत्रों के द्वारा बुलाने योग्य इंद्र को बुलाता हूं. (१९)
I call upon everyone, the one who receives wealth, the sakha, the encourages the hymns and the one who is called by mantras. (19)