हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.56.5

मंडल 6 → सूक्त 56 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 56
इ॒मं च॑ नो ग॒वेष॑णं सा॒तये॑ सीषधो ग॒णम् । आ॒रात्पू॑षन्नसि श्रु॒तः ॥ (५)
हे पूषा! इन गायों के अभिलाषी लोगों को गायों का समूह प्राप्त कराओ. तुम दूर देश में प्रसिद्ध हो. (५)
O God! Get a group of cows to the people who wish for these cows. You're famous in a distant country. (5)