हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.59.9

मंडल 6 → सूक्त 59 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 59
इन्द्रा॑ग्नी यु॒वोरपि॒ वसु॑ दि॒व्यानि॒ पार्थि॑वा । आ न॑ इ॒ह प्र य॑च्छतं र॒यिं वि॒श्वायु॑पोषसम् ॥ (९)
हे इंद्र एवं अग्नि! दिव्य और पार्थिव दोनों प्रकार के धन तुम्हारे ही हैं. इस यज्ञ में हमें संपूर्ण आयु को पुष्ट करने वाला धन दो. (९)
O Indra and Agni! Both divine and earthly wealth are yours. In this yajna, give us the money that will confirm the whole age. (9)