हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.59.10

मंडल 6 → सूक्त 59 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 59
इन्द्रा॑ग्नी उक्थवाहसा॒ स्तोमे॑भिर्हवनश्रुता । विश्वा॑भिर्गी॒र्भिरा ग॑तम॒स्य सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (१०)
हे स्तुतियां सुनकर आने वाले एवं स्तुतिमंत्रों से युक्त सुनने वाले इंद्र एवं अग्नि! हमारी स्तुतियों से प्रसन्न होकर इस सोमरस को पीने के लिए आओ. (१०)
O Indra and Agni who hear the praises and hear the praises! Please come to drink this somras, pleased with our praises. (10)