ऋग्वेद (मंडल 6)
अश्वा॒ न या वा॒जिना॑ पू॒तब॑न्धू ऋ॒ता यद्गर्भ॒मदि॑ति॒र्भर॑ध्यै । प्र या महि॑ म॒हान्ता॒ जाय॑माना घो॒रा मर्ता॑य रि॒पवे॒ नि दी॑धः ॥ (४)
अश्चों के समान बलशाली, पवित्र स्तुतियों वाले एवं सत्ययुक्त मित्र एवं वरुण को अदिति ने गर्भ के रूप में धारण किया. अदिति ने महान् लोगों से भी बड़े एवं हिंसकों की भी हिंसा करने वाले मित्र और वरुण को धारण किया. (४)
As powerful as the ass, the holy-eulogized and the true friend and Varuna was conceived by Aditi. Aditi held a friend and Varun, who was greater than the great ones and the violent, who also committed violence. (4)