हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.34.10

मंडल 7 → सूक्त 34 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 34
आ च॑ष्ट आसां॒ पाथो॑ न॒दीनां॒ वरु॑ण उ॒ग्रः स॒हस्र॑चक्षाः ॥ (१०)
उग्र एवं हजार आंखों वाले वरुण इन नदियों का जल देखते हैं. (१०)
The furious and thousand-eyed Varuna see the waters of these rivers. (10)