ऋग्वेद (मंडल 7)
आ च॑ष्ट आसां॒ पाथो॑ न॒दीनां॒ वरु॑ण उ॒ग्रः स॒हस्र॑चक्षाः ॥ (१०)
उग्र एवं हजार आंखों वाले वरुण इन नदियों का जल देखते हैं. (१०)
The furious and thousand-eyed Varuna see the waters of these rivers. (10)
मंडल 7 → सूक्त 34 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation