हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.35.6

मंडल 7 → सूक्त 35 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 35
शं न॒ इन्द्रो॒ वसु॑भिर्दे॒वो अ॑स्तु॒ शमा॑दि॒त्येभि॒र्वरु॑णः सु॒शंसः॑ । शं नो॑ रु॒द्रो रु॒द्रेभि॒र्जला॑षः॒ शं न॒स्त्वष्टा॒ ग्नाभि॑रि॒ह श‍ृ॑णोतु ॥ (६)
वसुओं के साथ इंद्र देव हमें शांति दें. शोभनस्तुति वाले वरुण आदित्यों के साथ हमें शांति दें. दुःखनाशक रुद्र रुद्रों के साथ हमें शांति दें. इस यज्ञ में त्वष्टादेव पत्नियों के साथ हमें शांति दें एवं हमारी स्तुतियां सुनें. (६)
May Indra Dev with vasus give us peace. Give us peace with the sodomy Varun Adityas. Give us peace with the sadistic Rudra Rudras. In this yajna, may Takshatadeva give us peace with the wives and listen to our praises. (6)